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बीबीसी टाइम्स इन उज्जैन 28 जून 2026
उज्जैन। भगवान श्री महाकाल के सेनापति श्री काल भैरव मन्दिर पर इन दिनो अवैध अतिक्रमण कारियो का मजमा लगा हुआ है। प्रतिदिन यहा अवैध गुमटी ठेलो व सड़क के दोनो ओर फुटकर व्यापार करने वालो के कारण व गाड़ी पार्किंग को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है। मारपीट व रंगदारी की भी कई घटनाए समीप के भैरवगण थाने मे दर्ज है। आए दिन यहा गाड़ी पार्किंग व होटल संचालको के द्वारा गाड़ी पार्किंग को लेकर प्रसाद खरीदने का दबाव बनाया जाता है जब की यह सरकारी जमीन पर होते हुये भी यहा पार्किंग के नाम पर पैसा आखिर क्यो लिया जा रहा है प्रतिदिन यहा दर्शन करने आने वालो को मार्ग पर फैले अतिक्रमण के कारण भीड़ व यातायात की अव्यवस्था का शिकार होना पड़ता है । मन्दिर समिति द्वारा यहा नियमित दर्शन व्यवस्था को सरल एवं सुलभ बनाने के लिये निरंतर प्रयास किये जाते है लेकीन यहा फैले अवैध अतिक्रमण के कारण सारी व्यवस्थाओ पर मानो ग्रहण लग जाता है क्यू की दर्शन करने जाने वालो को इन्ही संक्रमित मार्गो से होकर जाना होता है जिससे दर्शनार्थी के सामने अव्यवस्थाओ का आलम सामने प्रतित होता है इससे मन्दिर एवं शहर की क्षवि भी धूमिल होती है।

काल भैरव मन्दिर के श्री महेश दिप्पन द्वारा बताया गया की कई मर्तबा नगर निगम को अवगत कराने के बाद भी समस्या हल नही हो पा रही है अतिक्रमण टीम के आने पर कुश समय व्यवस्था सही रहती है और उनके जाने के बाद पुन:वही स्थिति निर्मित हो जाती है अत: जिला प्रशासन को इस ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिये क्यू की उज्जैन मे महाकाल मन्दिर के बाद काल भैरव ही एक मात्र ऐसा मन्दिर है जहा भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव रहता है।
जल्द लेगी योजना नया आकार
काल भैरव मंदिर में भीड़ प्रबंधन एवं यातायात के दबाव व दर्शन व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा कई नई योजनाएं निर्मित की जा रही है जो कि जल्द ही जमीनी स्तर पर दिखाई देंगी। जिसका सफलतम उपयोग आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान सुलभ एवं सरल दर्शन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। अभी वर्तमान में दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव के संकेत मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा दिए गए हैं।

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