*B B C टाइम्स इन* 22 जनवरी रतलाम चोर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। शहर के बाहरी इलाकों में तो वारदात थमन नाम नही ले रही है चांदनी चौक निवासी प्रोफेसर के घर का ताला तोड़ कर चोर ढाई लाख रुपए कीमत के आभूषण और नकदी ले गए। वारदात के वक्त प्रोफेसर अपने भाई के साथ रिश्तेदारी में गमी में शामिल होने सैलाना गए थे। लौटने पर वारदात का पता चला।
दो दिन पूर्व राजबाग में चोर दिनदहाड़े लाखों का माल ले उड़े तो रात में चांदनी चौक में एक प्रोफेसर के सूने मकान को निशाना बनाया। उज्जैन के महाकाल कॉलेज में प्रोफेसर मुकुल गुप्ता मकान नंबर 86 चांदनी चौक रतलाम में रहते हैं। उन्होंने माणक चौक थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गुप्ता ने पुलिस को बाताया वे और उनके भाई चंदन 19 जनवरी की रात करीब साढ़े सात बजे घर में ताला लगाकर डेलनपुर रिश्तेदारी में गमी में गए थे। रात होने से वहीं रुक गए। अगले दिन 20 को सुबह लौटे तो घर के ताले और दरवाजे टूटे पड़े थे। अंदर आलमारियां और अन्य सामान अस्त-व्यस्त था। आलमारी में रखे आभूषण और नकदी भी गायब थी। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और माणक चौक थाने पहुंचे रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रोफेसर मुकुल के अनुसार वारदात वाले दिन माता-पिता भी काम से बाजना गए हुए थे। चोर ताला तो़ड़कर घर में घुसे और नकदी रुपए के अलावा सोने की एक चैन, एक अंगूठी, कान की बाली, चांदी की पायजेब ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपए है।
जानकारी के अनुसार चोरी की शंका के चलते प्रोफेसर मुकुल अपने भाई चंदन को लेकर 20 जनवरी को सुबह 9 बजे ही चोरी की एफआईआर दर्ज कराने माणकचौक थाने पहुंच गए थे। हालांकि उस दिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने एफआईर 21 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे दर्ज की गई।
सराफा बाजार व थाने से ज्यादा दूर नहीं घटनास्थल
गौर करने वाली बात यह है कि जिस इलाके में चोरी हुई वह शहर का मुख्य इलाका है जहां सराफा दुकानों सहित अन्य प्रतिष्ठान हैं। घटनास्थल से बमुश्किल 200 मीटर की दूरी पर ही चांदनीचौक सर्कल पर पुलिस का पाइंट रहता है। डायल-100 वाहन व टीम भी यहीं तैनात रहती है। रात्रि गश्त भी इस इलाकेे में अनिवार्य है। बावजूद इस इलाके में चोरी होना पुलिस की आंख का काजल चुरा ले जाने जैसा ही है।
